फेक न्यूज रोकने के लिए एक अरब 72 करोड़ रुपए खर्च करेगा YouTube, वीडियो के साथ ही दिखेगी मीडिया लिंक

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वाट्सऐप, फेसबुक, ट्विटर जैसी दिग्गज सोशल मीडिया कंपनियां फेक न्यूज को रोकने के लिए तेजी से काम कर रही हैं। मंगलवार को वाट्सऐप ने एक विज्ञापन देकर यूजर्स को फेक न्यूज से बचाव के तरीकों के बारे में बताया है। इस सूची में अब एक और दिग्गज कंपनी का नाम जुड़ गया है। वीडियो शेयरिंग का प्लेटफॉर्म प्रदान करने वाली कंपनी यूट्यूब ने फेक न्यूज पर लगाम लगाने के लिए एक अरब 72 करोड़ रुपए खर्च करने की घोषणा की है।

-गूगल के मालिकान हक वाली इस कंपनी ने सोमवार को कहा कि यह इंवेस्टमेंट मीडिया की मदद करने और फेक न्यूज रोकने के लिए किया जाएगा। यह इंवेस्टमेंट कंपनी की तरफ से मार्च में शुरू किए गए गूगल न्यूज इनीशिएटिव का हिस्सा होगा। इसके साथ ही कंपनी ने कहा है कि वह अपने यूजर्स को अफवाहों से बचाने के लिए एक सीरीज भी जारी करेगी।

अमेरिका से होगी शुरुआत : आने वाले दिनों में जब अमेरिकी यूजर्स ब्रेकिंग न्यूज के लिए यूट्यूब पर सर्च करेंगे तो वे समाचारों के संक्षिप्त अंश के साथ-साथ कई मीडिया लिंक भी देख सकेंगे। इसके अलावा विवादास्पद मुद्दों और वीडियोज के साथ यूट्यूब, विकीपीडिया या इनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका का लिंक भी दिखाएगा, जिससे यूजर्स उन मुद्दों को और बेहतर तरीके से समझ सकें।

अभी बहुत काम करने की है जरुरत : यूट्यूब के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर नील मोहन और चीफ बिजनेस ऑफिसर रॉबर्ट निल ने कहा कि हम समाचार संगठनों के लिए विकसित वीडियो इकोसिस्टम बनाने के लिए पत्रकारीय समुदाय के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में अभी बहुत काम करने की जरुरत है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देश-दुनिया में घट रही जानकारियों के लिए यूट्यूब पर आने वाले यूजर्स को बेहतर और भरोसेमंद कंटेंट उपलब्ध कराने के लिए कंपनी लगातार प्रयास कर रही है।