सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा- दस दिन में बताएं लोकपाल की नियुक्ति कब की जाएगी

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सुप्रीम कोर्ट ने लोकपाल की नियुक्ति में देरी पर केंद्र से जवाब मांगा है। कोर्ट ने सोमवार को कहा- “सरकार दस दिन में बताए कि लोकपाल कब तक नियुक्त हो जाएंगे और इसके लिए अब तक क्या कदम उठाए गए।” जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस आर भानुमति की बेंच एक एनजीओ की याचिका पर सुनवाई कर रही है। अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल केंद्र का पक्ष रखने के लिए कोर्ट में पेश हुए। एनजीओ कॉमन कॉज ने याचिका में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी सरकार जानबूझकर लोकपाल नियुक्त नहीं कर रही है।

इस मामले में सरकार ने पहले कोर्ट को बताया था कि लोकपाल बिल के कई संशोधन संसद में लंबित हैं। लोकसभा में नेता विपक्ष नहीं है। जबकि लोकपाल की चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, चीफ जस्टिस या उनकी ओर से नामित सुप्रीम कोर्ट के जज और एक नामचीन हस्ती के साथ नेता विपक्ष भी शामिल होता है। नेता विपक्ष की जगह सबसे बड़े दल के नेता को समिति में रखने का संशोधन कानून में किया जाना है। इसके साथ करीब 20 संशोधन लंबित हैं। केंद्र ने लोकपाल की नियुक्ति के लिए सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी को कानून विशेषज्ञ के तौर पर लोकपाल चयन समिति में शामिल किया। इसकी जानकारी 15 मई को सुप्रीम कोर्ट की दी गई थी।