16 साल पहले देवदास की शूटिंग करते वक्त ऐश्वर्या के कानों से बहने लगा था खून, 20 करोड़ में बना था चंद्रमुखी का कोठा

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संजय लीला भंसाली की मूवी ‘देवदास’ को रिलीज हुए 16 साल पूरे हो गए है। फिल्म की चंद्रमुखी यानी माधुरी दीक्षित ने इस मौके पर एक ट्वीट किया, जिसे शेयर करते हुए शाहरुख ने कहा है- “और आप भी हमेशा हमेशा हमारे दिलों के करीब रहेंगी, केवल एक आप ही हैं जिसने हमेशा “मार डाला!!“..। शाहरुख वाली देवदास से जुड़ी खास बातें, जो बताती हैं क्याें है देवदास फिल्म आज भी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।

पहली ईस्टमैन कलर फिल्म :2002 में आई देवदास पहली कलर फिल्म थी। इसके पहले बॉलीवुड में बने देवदास के सभी वर्जन ब्लैक एंड वाइट ही थे। 1936 में केएल सहगल और 1955 में दिलीप कुमार की देवदास बन चुकी थी। फिल्म में लाइट इफैक्ट्स देने 700 लाइट मैन और 42 जनरेटर्स का प्रयोग किया गया था।

– बॉलीवुड की यह तीनों ही फिल्में शरतचंद्र चट्‌टोपाध्याय के उपन्यास देवदास पर आधारित रहीं।

सबसे बड़े बजट की फिल्म :संजय लीला भंसाली यह फिल्म उस दौर की सबसे महंगी फिल्म थी। फिल्म बनाने में 50 करोड़ का खर्च हुआ। चंद्रमुखी का कोठा बनाने में 12 करोड़ खर्च हुए थे। वहीं फिल्म के छह सेट बनने में कुल 20 करोड़ की लागत आई थी।

– जिस घर में ऐश्वर्या के सीन शूट हुए थे, उसमें 1.22 लाख कांच के टुकड़ों को जोड़कर तैयार किया गया था। बारिश के सीन के बाद इन्हें दोबारा पेंट करना पड़ता था।

कानों से बहा खून और शाहरुख ने पी शराब : फिल्म में डोला रे डोला गाने की शूटिंग के दौरान एेश्वर्या ने हैवी ज्वैलरी पहनी थी, जिसके कारण उनके कानों से खून बहने लगा था। शाहरुख ने भी सीन में जान डालने के लिए कुछ सीन शूट करने से पहले शराब पी थी।

अब तक 15 बार बन चुकी है देवदास :शरतचंद्र का उपन्यास फिल्ममेकर्स को इतना पसंद आया कि 1928 से लेकर 2013 तक देवदास की कहानी 15 बार फिल्मी पर्दे पर नजर आ चुकी है।अकेले बांग्ला में यह फिल्म 5 बार बनी। फिल्म की कहानी को देव डी, दास देव और देव डीडी टाइटल से भी बनाया जा चुका है।